CHANDIGARH : मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद चन्नी लगातार लोगों की भलाई के लिए बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चन्नी ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब के 58 साल से ऊपर के सरकारी कर्मचारियों को सेवामुक्त करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ रही बेरोजगारी को देखते ही यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मकसद रोजगार के नए अवसर को जुटाना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार के पास बेशक 3-4 महीने का समय है, पर फिर भी वह राज्य के सिस्टम को बदलने की पूरी कोशिश करेंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंच सके। उन्होंने कहा कि खाली पदों पर नए नौजवानों की भर्ती की जाएगी और 58 साल के आयु के बाद कार्यकाल में बढ़ावा भी नहीं दिया जाएगा। वहीं, पंजाब में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू के ट्वीट पर मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि राज्य सरकार डीजीपी पद के लिए तीन नामों को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार के एक पैनल का इंतजार कर रही है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद, पंजाब कांग्रेस कमेटी प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू, सभी मंत्रियों और विधायकों के सलाह से डीजीपी के नाम को तय किया जाएगा। सिद्धू राज्य में महाधिवक्ता (AG) और डीजीपी को हटाने को लेकर लगातार सरकार को घेर रहे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजीपी की नियुक्ति के लिए 10 पुलिस अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। मोरिंडा में राज्य सरकार के एक कार्यक्रम से इतर चन्नी ने कहा कि डीजीपी के पद पर स्थायी रूप से नियुक्ति अभी की जानी है। उन्होंने कहा, मैंने सिद्धू साहब को बताया है और उन्हें भी पता है कि डीजीपी की नियुक्ति के लिए, 30 साल की सेवा पूरी करने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा, हमने नाम भेजे हैं और केंद्र सरकार अब हमें तीन सदस्यीय एक पैनल भेजेगी। राज्य सरकार ने स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए 10 पुलिस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेजे हैं। इनके सेवा रिकॉर्ड का संज्ञान लेने और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग तीन अधिकारियों का नाम राज्य सरकार को भेजेगा जो पद के लिए उनमें से एक का चयन करेगी।