जालंधर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच की ओर से साल 2019 में पुलवामा अटैक को याद करते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। आज इस आतंकी घटना के छह साल पूरे हो रहे हैं, इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान बलिदान हो गए थे। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर हमलावर ने विस्फोटक भरी कार से सीआरपीएफ काफिले की बस को टक्कर मार दी थी। धमाका इतना भयंकर था कि बस के परखच्चे उड़ गए थे। इसके बाद घात लगाए आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की थी। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
इस अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच के प्रधान हुए किशन लाल शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान मुट्ठी भर देश कायराना हरकतें पीठ पीछे करता है सामने से तो कई बार भारतीय सैनिकों से हार का मुंह देख चुका है और कहां की 1965 और 1972 व 1999 में कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी अगर अब यह दुआ तो पाकिस्तान का वर्ल्ड के नक्शे से नामोनिशान मिटा दिया जाएगा और कहा कि पाकिस्तान से लड़ने के लिए भारत का बच्चा-बच्चा तैयार है और कहा कि देश के युवा में घटना को लेकर आक्रोष बहुत है और कहा कि पुलवामा हमले की खबर को सुनते ही जहन में सिर्फ एक ही ख्याल आया की काश मेरे हाथ में भी एक बम्ब और बंदूक होती तो मैं पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा देता
इस अवसर पर किशन लाल शर्मा, अजमेर सिंह बादल, राकेश गुप्ता, बहादुर सिंह चड्ढा, संदीप तोमर, अशोक मेहता, राजेश कुमार बंटी, आर.के. शांतू, नवीन भल्ला, अशोक कुमार, बलजीत सिंह सोढ़ी, हर्षदीप,आदि भारी संख्या में युवाओं ने पुलवामा के शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए