जालंधर, पंजाब में वायु प्रदूषण और जन स्वास्थ्य से संबंधित स्थानीय स्तर की कार्रवाइयों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जालंधर प्रशासन ने लंग केयर फाउंडेशन के सहयोग से ‘साझी हवा और स्वास्थ्य’ शीर्षक के तहत एक विशेष क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया।
यह सेशन यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण प्रोग्राम (यू.एन.ई.पी.) के सहयोग से चल रहे प्रयासों के तहत करवाया गया। इसका उद्देश्य जिला अधिकारियों, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, पर्यावरण प्रेमियों, शोधकर्ताओं और सामुदायिक भागीदारों को एक मंच पर एकत्रित करना था, ताकि वायु प्रदूषण के कारण बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा की जा सके और सामूहिक रूप से टिकाऊ समाधान तैयार किए जा सकें।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) अमनिंदर कौर ने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार के नेतृत्व में जिला प्रशासन वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वचनबद्ध है और इसके तहत गंभीर उपाय किए जा रहे है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण से जुड़ी चिंता नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए एकजुट होकर साझा प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने जमीनी स्तर पर सहयोगी कार्रवाई के महत्व पर भी जोर दिया।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने लंग केयर फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हमें सभी को स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सेशन के दौरान वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना, पर्यावरणीय गिरावट को जन स्वास्थ्य चुनौतियों से जोड़ना, जालंधर के गांवों से सर्वेक्षण के नतीजों की प्रस्तुति, अमृतसर में जागरूकता और क्षमता-निर्माण के प्रयासों से मिली शिक्षाएं, सामुदायिक भागीदारी और जमीनी स्तर पर समाधान तैयार करना आदि विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर एस.डी.एम. शुभी आंगरा, सहायक कमिश्नर (ज) बादलदीन के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।