नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के गौतेंग प्रांत की प्रयोगशाला में नवंबर की शुरुआत में कोविड-19 (Covid-19) की जांच के दौरान कुछ अजीब सा मामला पकड़ में आना शुरू हुआ. प्रयोगशाला वायरस के उस जीन को पकड़ नहीं पा रही थी जो स्पाइक प्रोटीन बनाता है ताकि रोगाणु मानव कोशिका में प्रवेश करके फैल सके. ठीक उसी दौरान दूसरी तरफ उस क्षेत्र के डॉक्टर एक अजीब वाकये से गुजर रहे थे, अचानक अस्पतालों में थकान औऱ सिरदर्द की शिकायत वाले मरीजों की बाढ़ सी आ गई थी. कुछ हफ्तों की शांति के बाद फिर से नए मामले सामने आने लगे जो डेल्टा वेरिएंट वाली तीसरी लहर की ओर इशारा कर रहे थे. जो जुलाई के महीने में जोहांसबर्ग औऱ राजधानी प्रिटोरिया के जरिए पहुंचा था.