जालंधर,(विशाल) डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग को अलग दिव्यांगता पहचान पत्र (यूनिक डिसेबिलटी आइडेंटी कार्ड- यूडीआईडी) बनाने के लिए दिव्यांग व्यक्तियों की रजिस्ट्रेशन में तेजी लाने और इसके लिए विशेष कैंप लगाने के आदेश दिए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को कहा कि जिले में प्रत्येक कम्युनिटी व प्राथमिक हेल्थ सेंटर में कैंप लगाए जाएं। इस संबंध में आम लोगों को जागरूक किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग कैंप का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि कैंपों में रोजाना 500 दिव्यांगों की रजिस्ट्रेशन यकीनी बनाई जाए। वह निजी तौर पर रजिस्ट्रेशन की प्रगति की समीक्षा करेंगे उन्होंने विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों से अपील की कि वह कैंपों में यूडीआईडी के लिए अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड या उम्र का कोई सबूत, पासपोर्ट आकार की फोटो साथ ले कर आएं। लोग यूडीआईडी कार्ड के लिए सेवा केंद्र या व्यक्तिगत तौर पर आनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेट जारी करने से पहले आर्थोपीडिकस, ईएनटी और आंखों के माहिर, मनोवैज्ञानिक, पीडियाट्रिक्स और दूसरा एक पैनल हर मंगलवार और गुरुवार को शारीरिक जांच करता है। यूडीआईडी योजना की नोडल अधिकारी डा. अनु ने कहा कि यूडीआईडी में एक क्यू आर कोड होगा, जो विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों की सटीक जानकारी देने में सहायता करता है।उन्होंने बताया कि इस कार्ड से नेत्रहीनों को सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा होगी और दिव्यांग व्यक्तियों को सरकारी बसों में किराये में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी