जालंधर,(विशाल)- पंजाब का सुप्रसिद्ध त्योहर लोहड़ी के नजदीक आते ही बच्चों के संग बड़ों में भी उत्साह भर जाता है। वहीं बाजारों में भी रंग-बिरंगी पतंगों की दुकानें सजती रही हैं, लेकिन इस बार पतंग बाजारों की रौनक गायब है। अन्य कारोबारों सहित पतंग बाजार पर भी कोविड-19 का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पतंग कारोबारियों ने बताया कि कोविड के कारण लोगों को जो आर्थिक नुकसान हुआ है, उसका असर उनके व्यापार पर भी हुआ है। उनका व्यवसाय भी कोरोना वायरस महामारी के कारण मंदी की चपेट में आ गया है। जालंधर के पतंग निर्माता बावू पतंग के मालिक बावू ने बताया कि हर साल पंजाब 13 जनवरी को लोहड़ी का त्योहार मनाता है, लेकिन पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार पतंग की बिक्री में 50 फीसदी तक घट गया है। उन्होंने बताया कि कागज और तीली की कीमतों में भी 30 से 35 फीसदी तक वृद्धि होने के कारण पतंगों के दाम भी काफी अधिक बढ़ गए हैं, जिससे पतंगों के चाहने वाले बच्चों में मायूसी छाई हुई है