जालंधर,(विशाल) कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों ने एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। किसानों ने चक्का जाम करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। छह फरवरी को किसान संगठन सड़क जाम कर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। चक्का जाम को सेना व पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है।किसान संगठनों ने कहा है कि केंद्र सरकार ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में जो किसान गिरफ्तार किए थे उनकी रिहाई, किसानों के खिलाफ मामले व किसान विरोधी कानून रद करने की मांग को लेकर चक्का जाम कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल) के जिला प्रधान जसवंत सिंह ने बताया कि शनिवार को किसान संगठन नकोदर रोड स्थित प्रतापपुरा में सड़क पर धरना देकर चक्का जाम करेंगे। इस दौरान हजारों की तादाद में किसान 12 से 3 बजे तक सड़क रोक कर अपनी आवाज केंद्र सरकार पर पहुंचाने के लिए प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में पुलिस व सेना के पूर्व अधिकारी व जवान भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संगठन बेवजह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता है।चक्का जाम के दौरान पुलिस, मीडिया, सेना व तमाम इमरजेंसी सेवाओं के लिए आने जाने वालों को छूट दी जाएगी। किसानों ने इमरजेंसी सेवाओं को लेकर आने जाने वाले लोगों, बारात व एंबुलेंस को चक्का जाम से छूट देने का फैसला किया है। भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के यूथ प्रधान अमरजोत सिंह ने कहा कि संगठन किसानों के साथ मिलकर पीएपी चौक में दोपहर 12 से 3 बजे तक चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन करेगा। संगठन के पदाधिकारी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस दौरान लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी।