कृषि विभाग ने किसानों को जागरूकता करवाने के लिए लगाए कैंप

जालंधर, (विशाल /रोजाना आजतक)- कृषि विभाग की तरफ से किसानों को खेती विभिन्नता के प्रति उत्साहित करने और पराली के उचित प्रबंधों के बारे जागरूक करन के लिए जिले के अलग-अलग गांवों में जागरूकता कैंप लगाए गए। गांव ईसपुर और सैमीपुर में जागरूकता कैंप की अध्यक्षता करते हुए मुख्य कृषि अधिकारी जालंधर डा.सुरिन्दर सिंह ने कहा कि पराली को आग लगाने से साथ जहां उपजाऊ भूमि की सेहत खऱाब होती है, वहीं हमारे आसपास वातावरण में ज़हरीली गैसों के फैलाव से हवा की गुणवत्ता को खऱाब करके कोविड -19 प्रभावित मरीज़ों के लिए बड़ा ख़तरा पैदा करती है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की तरफ से धान की पराली को आग लगाना छोड़कर इसे खेतों में मिलाना शुरू कर दिया गया है उनकी फसलों के झाड़ में बहुत विस्तार हुआ है। पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के कृषि माहिर डा.संजीव कटारिया, डा.मनिन्दर सिंह, डा.दिलबाग सोहल, डा.बलकार चंद और डा.प्रवीन कुमारी की तरफ से किसानों तक पहुंच करके उन्हें पराली जलाने के बुरे प्रभावों के बारे बताया। इन माहिरों की तरफ से कैप्टन अमरिन्दर सिंह मुख्यमंत्री पंजाब के नेतृत्व में पंजाब सरकार की तरफ से फसलों के अवशेष के उचित प्रबंधन के लिए उनकी सहायता के लिए चलाईं जा रही अनेकों स्कीमों बारे जानकारी मुहैया करवाई गई। मुख्य कृषि अफ़सर जालंधर ने और जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की तरफ से किसानों को खेती विभिन्नता प्रति उत्साहित करने के लिए राया सरसों की 750 किटें वितरित करने की योजना बनाई गई है।उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से कोरोना वायरस को फैलने से रोकनो के लिए किसानों को सुरक्षा सावधानियों जैसे कि मास्क पहनना, हाथ धोने और सामाजिक दूरी के पालन प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धान की कटाई दौरान सितम्बर और अक्तूबर 2020 दौरान जिले में 60 से ज़्यादा जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे

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