जालंधर, (संजय शर्मा )- कपूरथला चौक नजदीक स्थित पीएमजी हॉस्पिटल में आज फ्री मेडिकल चेक अप कैंप का आयोजन किया गया वर्ल्ड ऑटिजम अवेयरनेस डे के उपलक्ष्य पर पी ऍम जी होस्पिटल जालंधर में ऑटिजम के बारे में सभी लोगों को जागरूक करने के लिए एक फ्री ऑटिजम अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में बच्चों के विशेषज्ञ डा सुरजीत कौर मदान और क्लीनिकल साइकोलोजिस्ट अतूल मदान उपस्थित थे। उन्होंने आए हुए लोगों को ऑटिजम के लक्षणों के बारे में बताते हुए व्याख्यान दिया। टीम में शामिल साइकोलोजिस्ट शीनू कोछड़ थता डायटीशियन सृष्टि ने आए हुए सभी लोगों को ऑटिजम अवेयरनेस रिबन लगाया और ऑटिजम क्या है। के पैम्फलेट वितरित किए , जिसमे आम लोग इस अवस्था को पहचान सकें। इस कैम्प में शहर के गणमान्य व्यक्तिओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जिसमे मुख्य रूप से डा रवि पाल , डा हरबीर मदान , डा तरुणबीर , डा नीरू बाला , डा राधिका गुप्ता थे।
यह ध्यान योग्य बात है की लेटेस्ट सर्वे के अनुसार हर 44 बच्चों में से एक बच्चे को ऑटिजम स्पेक्ट्रम डिसॉडर हो सकता है। जिसकी अगर शुरआती सालों में ही अगर पहचान कर ली जाए और उसकी स्पीच थैरपी , ऑक्यूपेशनल थैरपी तथा स्पेशल एजुकेशन जैसे ट्रीटमेंट शुरू कर दिए जाए तो सुधार सम्भव है। इस कैम्प का मुख्य उदेश्य था। सभी लोगों को ऑटिजम के लक्षणों को पहचानने में सक्षम करना व् समाज में ऑटिजम के प्रति जागरूक करना।
इस मौके पर डॉ अतुल मदान ने कहा कि ऑटिजम के मुख्य लक्षण इस प्रकार है ऐसे बच्चों की स्पीच डिले होती है, अपनी उम्र के अनुसार बोलते नहीं है, अपने में ही मगन रहते है , दूसरे से मिलते जुलते नहीं ,
सही तरह से नजर नहीं मिलाते। कैम्प के आयोजक डा हरबीर मदान ने आए हुए सभी लोगों व् विशेषज्ञो का धन्यवाद करते हुए कहा की ऑटिजम एक ऐसी आवस्था है जिसके बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है। अंत इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में इन बच्चों के प्रति जागरूकता लाई जा सकती है। जिससे इसके दूरगामी परिणाम मिल सके। इस दौरान डॉ सुधीर कुमार मदान ने वही बच्चों के देखभाल के कैसे जान की देखभाल व खानपान का खास ध्यान रखने के संबंधी जानकारी दी