अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर द्वारा निर्माण कार्यों, छिड़काव में एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश

जालंधर, डिप्टी कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर (विकास) वरिंदरपाल सिंह बाजवा ने सोमवार को जिला पर्यावरण योजना की प्रगति का जायज़ा लेते हुए निर्माण कार्य, सड़क छिड़काव के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित पानी का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यहां जिला प्रशासनिक परिसर में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह के साथ जिला पर्यावरण कमेटी की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर वीरेंद्रपाल सिंह बाजवा ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए भूजल के उपयोग पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने, सड़कों पर छिड़काव के अलावा निर्माण कार्यों के लिए लोगों को एसटीपी से उपचारित जल निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाना चाहिए ताकि भूमिगत जल को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे नगर निगम/परिषदों की आय में भी वृद्धि होगी।
जिला पर्यावरण योजना के तहत कार्य योजना के अनुसार निर्धारित लक्ष्यों को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर देते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने भाग लेने वाले विभागों को प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ताकि रिपोर्ट पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समय पर भेजी जा सके।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे के उचित निपटान के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

मीटिंग के दौरान, पुराने कूड़े (लैगेसी वेसट)प्रबंधन, सी एंड डी वेस्ट प्रबंधन, जैव चिकित्सा वेस्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वरियाना डंप साइट समेत अन्य पर्यावरणीय परियोजनाओं की प्रगति का भी जायज़ा लिया गया। उन्होंने कहा कि जिला पर्यावरण योजना के प्रस्तावों को एक-एक कर क्रियान्वित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाये कि पर्यावरण संबंधी परियोजनाओं समय पर पूर्ण करने को विश्वसनीय बनाया जा सके ।इस अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरण इंजीनियर संदीप कुमार, भागीदार विभागों के अधिकारी, नगर निगमों/परिषदों के ईओ भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *