कार्रवाई होने के बाद भी आठों सांसद सदन से बाहर नहीं गए। जिसके कारण पांच बार सदन को स्थगित करना पड़ा। हालांकि कुछ देर बाद निलंबित सांसद और विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। निलंबित आठ सांसद संसद भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे। हालांकि आज उन्होंने अपना धरना वापस ले लिया। राज्यसभा से निलंबित आठ सांसदों के समर्थन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार भी आगे आए हैं। उन्होंने एक दिन का उपवास रखने की घोषणा की है। एनसीपी चीफ ने कहा, ‘मैं भी उनके (आठ निलंबित राज्यसभा सांसदों) आंदोलन में हिस्सा लूंगा और उनके समर्थन में एक दिन का उपवास रखूंगा’। राज्यसभा में कृषि बिल के दौरान हंगामा करने वाले आठ विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। सरकार की ओर से सोमवार को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे ध्वनिमत से मंजूर किया गया। राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि रविवार को जो कुछ हुआ निंदनीय है और वह बुरा दिन था। सरकार की ओर से प्रस्ताव के बाद सांसदों को निलंबित कर दिया गया।