जालंधर, (विशाल)- जालंधर का मशहूर पटेल अस्पताल कोरोना टेस्ट की फीस को लेकर विवादों में आ गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव मकोल ने पटेल अस्पताल पर आरोप लगाए कि अस्पतान ने कोरोना टेस्ट के लिए तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले है। राजीव ने कहा कोरोना टेस्ट की फीस सरकार ने 2400 रुपए तय की है लेकिन अस्ताल ने उनसे 5500 रुपए वसूले। सीए ने इसकी शिकायत डीसी घनश्याम थोरी को कर दी। डीसी ने ऐक्शन लेते हुए इस मामले की जांच सहायक कमिश्नर हरदीप सिंह से करवाई। जांच में पटेल अस्पताल पर लगे आरोप सही पाए गए। डीसी घनश्याम थोरी ने अब पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर सेहत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को नियमानुसार अगली कार्रवाई के लिए भेज दी है।दरअसल, जीटीबी नगर के रहने वाले चार्टेड अकाउंटेंट राजीव मकोल ने डीसी को शिकायत दी थी कि उन्हें कोई लक्षण नहीं थे लेकिन हिमाचल प्रदेश जाने के लिए दोस्त के कहने पर उन्होंने पटेल अस्पताल से कोरोना टेस्ट कराया था। 21 जुलाई को कोरोना टेस्ट के लिए उन्होंने 5500 रुपए दिए। जिसकी रसीद भी उन्होंने साथ में लगाई। इसके कुछ समय बाद उनका दोस्त एसआरएल लैब में गया तो उनसे सिर्फ 2400 रुपए लिए गए। उन्होंने डॉ. स्वपन सूद को फोन किया और ओवरचार्जिंग की बात कही।डॉक्टर ने आगे से कहा कि जालंधर में उनका अकेला ऐसा अस्पताल हैं, जो कोरोना टेस्ट कर रहे हैं, इसलिए चार्जेस ज्यादा हैं। इसके अलावा उन्हें कहा गया कि छह घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी लेकिन रिपोर्ट उन्हें अगले दिन मिली। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने कोरोना टेस्ट की फीस 2400 रुपए तय कर रखी है, इसके बावजूद उनसे 3100 रुपए ज्यादा वसूले गए