गौतम अडानी कुछ ऐसा ही करने जा रहे हैं. इसकी भनक ही भारत के आर्थिक जगत को आश्चर्य में डाले हुए है. दरअसल एनर्जी, ट्रांसपोर्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अडानी बड़ी छलांग लगाने जा रहे हैं. इस सेक्टर के विस्तार में वे कम से कम दो अरब डॉलर का दांव लगाने जा रहे हैं. यह राशि वे अडानी विल्मर समूह में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर जुटाएंगे. अडानी विल्मर समूह खाद्य तेल के उत्पादन के लिए मशहूर है. खासकर इसके फॉर्च्यून ब्रांड के सरसो तेल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल तो भारतीय घरों की रसोई में काफी पसंद किए जाते हैं.
अडानी जैसे साझीदार के हाथ खींच लेने से भारत में विल्मर समूह को झटका लगा है. अब वह भारत में अडानी जैसे किसी और साझीदार की तलाश कर रही है. जो उसके फॉर्च्यून ब्रांड को बाजार और लोगों की रसोई में पहले की तरह ही मजबूती से बनाए रखने में साथ दे सके. अडानी विल्मर के शेयर सोमवार को 0.17 फीसदी गिरकर 329.50 रुपये पर बंद हुए थे. कंपनी की बाजार पूंजी 42,824 करोड़ की है.