ईरानी सरकार और सरकारी मीडिया अमेरिका के साथ हुए समझौते को वहां के शासन की एक बड़ी जीत के रूप में पेश कर रहे हैं. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के जारी बयान में कहा गया है कि ईरान ने इस युद्ध में अपने लगभग सभी लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, और दुश्मन एक ऐतिहासिक विफलता का सामना कर रहा है.
युद्ध की शुरुआत में ही इस्लामिक रिपब्लिक के नेता अली ख़ामेनेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ जनरलों की अमेरिकी-इसराइली हमलों में मौत हो गई थी. यह लड़ाई वहां के शासन के लिए अस्तित्व का ख़तरा था, एक अस्तित्व की लड़ाई थी. इसलिए वे ख़ुद को विजयी मान रहे हैं, क्योंकि वे अमेरिका और इसरायल के साथ 30 से अधिक दिनों तक चले इस युद्ध में टिके रहे और बच गए. इसलिए ईरान के इस बयान और ईरान के ख़ुद को विजेता के रूप में पेश करने को अहम माना जा रहा है.