ईरानी सरकार ने 8 जनवरी को इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं, ज़ाहिर तौर पर इसके पीछे का मक़सद लोगों के असंतोष को दबाना और प्रदर्शनकारियों पर सरकारी कार्रवाई को दुनिया के अन्य देशों के सामने आने से रोकना था.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि बाहर से निर्देशित हो रहे “आतंकवादी अभियानों” को रोकने के मक़सद से इंटरनेट को बंद किया गया. सरकार ने यह नहीं बताया है कि इंटरनेट सेवाएं कब वापस आएंगी, लेकिन नई न्यूज़ रिपोर्टों से पता चलता है कि पर्दे के पीछे ईरानी अधिकारी इसे स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की योजना बना रहे हैं.