ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनाए जाने पर योग गुरु बाबा रामदेव ने तीखी प्रतिक्रिया

महाकुंभ के नाम पर रील्स के जरिए फैलाई जा रही फूहड़ता पर योग गुरू बाबा रामदेव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. रामदेव ने कहा कि, “सनातन का महान कुंभ पर्व, जहां हमारी जड़ें जुड़ी हुई हैं, एक भव्य उत्सव है. यह एक पवित्र त्योहार है. कुछ लोग कुंभ के नाम पर अश्लीलता, नशा और अनुचित व्यवहार को जोड़ रहे हैं – यह यह महाकुंभ का वास्तविक सार नहीं है. उन्होंने अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर भी प्रतिक्रिया दी है. कहा कि, कुछ व्यक्ति, जो कल ही सांसारिक सुखों में लिप्त थे, अचानक संत बन जाते हैं या एक ही दिन में महामंडलेश्वर जैसी उपाधियाँ भी प्राप्त कर लेते हैं.”

मीडिया से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा, ‘…कुछ महामंडलेश्वर बन गए. किसी के भी नाम के आगे बाबा जोड़ देना. किसी भी प्रकार के ओछी हरकतों को, रील्स को कुंभ के नाम पर लोगों तक पहुंचाना ठीक नहीं है. असली कुंभ यह है कि जहां मनुष्यता से देवत्व में, ऋषित्व में, ब्रह्मत्व में आरोहण पाया जाता है. रामदेव ने कहा कि, एक है सनातन को महसूस करना, सनातन को जीना और सनातन को बढ़ाना. एक है मात्र सनातन के नाम पर कुछ छिछोरे शब्द कह देना, इतना सनातन नहीं है. सनातन तो वह शाश्वत सत्य है, जिसे झुठलाया नहीं जा सकता.

एक दिन में कोई नहीं संत नहीं बनता- रामदेव
फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी महामंडलेश्वर बनाए जाने पर बाबा रामदेव ने कहा कि, ‘एक दिन में कोई संतत्व को उपल्बध नहीं हो सकता. उसके लिए वर्षों की साधना लगती है. हम लोगों को इस साधुता को पाने में 50-50 वर्षों का तप लगा है. इसको संतत्व कहते हैं. साधु होना बड़ी बात है. महामंडलेश्वर होना तो बहुत बड़ा तत्व है. आजकल मैं देख रहा हूं कि किसी की भी मुंडी पकड़कर महामंडलेश्वर बना दिया. ऐसा नहीं होना चाहिए. आपको बताते चलें कि, इससे पहले मशहूर कथा वाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी.

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