जालंधर, वर्ष 2024 जिले में शुरू की गई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और नई पहलों के लिए याद किया जाएगा। इन नई पहलों ने जालंधर को सर्वांगीण विकास के पथ पर अग्रसर किया और इसे कई विकास परियोजनाओं में अग्रणी जिला बना दिया।
फरवरी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जिले को 283 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफा दिया था। नकोदर में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मातृ-शिशु अस्पताल का उद्घाटन कर लोगों को बड़ी राहत दी गई। पंजाब के मुख्यमंत्री की लोगों को उनके घरों के पास मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता के तहत जिले में आम आदमी क्लीनिकों की संख्या में वृद्धि की गई है। जिले में 66 आम आदमी क्लीनिक सफलतापूर्वक लोगों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं और अब तक 19,29,603 लोग इससे लाभान्वित हुए है।
सड़क दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध करवाने की सरकार की प्रतिबद्धता के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर के पी.ए.पी. स्टेडियम से देश के पहले सड़क सुरक्षा बल के लिए 129 अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही ‘फ़रिश्ते’ योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए जिले के 15 सरकारी और 25 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया था।
वर्ष के दौरान, वित्त मंत्री ब्रम शंकर जिम्पा ने आरती ‘ओम जय जगदीश हरे’ के निर्माता पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी के स्मारक का उद्घाटन किया। पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ ने 7 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 66 के.वी. नकोदर में पावर सब स्टेशन का शिलान्यास किया गया, जिससे 37 गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही वरियाना डंप पर कचरे के उचित निपटारे के लिए 32.32 करोड़ रुपये की जैव-खनन परियोजना शुरू की गई। इसके अलावा जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत देते हुए 1.15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक फायर स्टेशन का भी शिलान्यास किया गया। साल भर जिला प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव, जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव, नगर निगम, नगर परिषदों और नगर पंचायतों और पंचायत चुनाव सुचारू, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। चुनाव के दौरान तमाम चुनौतियों के बावजूद गेहूं खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की गई और किसानों को बड़ी राहत दी गई।
फसल अवशेष जलाने की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रभावी प्रयासों के तहत डिप्टी ने कमिश्नर के कुशल नेतृत्व में जिला प्रशासकीय अधिकारियों की कड़ी मेहनत के कारण वर्ष 2024 में फसल अवशेष जलाने के मामले पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड 87 हुए प्रतिशत की कमी दर्ज की गई इन पहलों को और बढ़ावा देने के लिए, 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों को ‘पर्यावरण के संरक्षक’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया और सरकारी कार्यालयों में अपना काम करने के लिए आने पर उन्हें प्राथमिकता दी गई। किसानों के लिए 13 करोड़ रुपये की 613 मशीनें अनुदान पर सुनिश्चित करने के साथ ही अब तक 6956 मशीनें किसानों को वितरित की जा चुकी हैं। इस प्रकार की सार्थक पहल के कारण पिछले वर्ष के 1196 की तुलना में इस वर्ष फसल अवशेष जलाने के 157 मामले सामने आए। इस वर्ष जिला प्रशासन ने पूरे जिले में वातावरण को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए 10 लाख से अधिक पौधे लगाए।
युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने 61 रोजगार कैम्प का आयोजन किया, जिसमें 6707 युवाओं को रोजगार मिला। मानसून के मौसम के दौरान, डिप्टी कमिश्नर ने वर्षा जल की सुचारू निकासी सुनिश्चित करने में स्वयं व्यक्तिगत रुचि ली।
लोगों के स्वास्थ्य में और अधिक सुधार लाने के उद्देश्य से सी.एम. की योगशाला कार्यक्रम के तहत विभिन्न 167 स्थानों पर आयोजित योग कैम्प से 6000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। इसी प्रकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने तथा इस कार्यक्रम में और अधिक सुधार लाने के उद्देश्य से 200 युवाओं को योग प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने विधान सभा क्षेत्र शाहकोट में लगभग 3000 लड़कियों के लिए एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया।
जिला प्रशासन ने लड़कियों के लिए आत्मरक्षा और प्रशिक्षण कक्षाएं शुरू की, जिसके दौरान लगभग 120 लड़कियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि 60 लड़कियां विभिन्न कोचिंग कक्षाओं से लाभान्वित हो रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा नागरिक सेवाएँ प्रदान करने में उदाहरण स्थापित करते हुए 4 लाख आवेदकों को विभिन्न सेवाएँ प्रदान की गईं। सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिक सेवाएं प्रदान करने में जिला जालंधर राज्य भर में अग्रणी जिला बन गया।
डिप्टी ने 10,000 छात्रों को जीवन रक्षक कौशल में प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से ‘चेतना परियोजना’ शुरू की, जिसके तहत अब तक 3500 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, दिल के दौरे और मिर्गी जैसी आपात स्थितियों के दौरान कीमती जिंदगियों को बचाना है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब के निर्देश पर जिला प्रशासन वर्ष 2025 में लम्मा पिंड-जंडू सिंगा रोड, आदमपुर रोड, आदमपुर हवाई अड्डे तक आसान पहुंच, पीएपी फ्लाई ओवर मुद्दा, उद्योगों की दिक्कतें दूर कर औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देना, एन.आर.आई. की दिक्कतें दूर करना, बर्ल्टन पार्क का सौंदर्यीकरण जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा करेगा। ये पहल जालंधर की प्रगति और जन कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है।