जालंधर, मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नजदीक लम्मा पिंड चौक जालंधर में मां बगलामुखी जी के निमित्त श्रृंखलाबद्ध सप्ताहिक दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणों द्वारा मुख्य यजमान रुपम प्रभाकर से विधिवत षोढषोपचार पूजन, नवग्रह पूजन, पंचोपचार पूजन उपरांत सपरिवार हवन यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
मां बगलामुखी जी के निमित्त हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाकर
सिद्ध मां बगलामुखी के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित संगत को ईश्वर और उसकी शक्ति के बारे में ब्खायान करते है कि प्रत्येक धर्म में परमपिता परमात्मा को किसी न किसी रूप में माना और पूजा जाता है। फिर चाहे हम उसे ईश्वर कहें या फिर अल्लाह, उस पर किया गया अटूट विश्वास हमें जीवन जीने की शक्ति और सही दिशा प्रदान करता है। अक्सर ईश्वर को लेकर सवाल होता है कि आखिर ईश्वर कहां निवास करते हैं? आखिर वे दिखाई क्यों नहीं देते हैं? संतों और महापुरुषों ने उस ईश्वर का वास सत्य और प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में बताया है। मान्यता है कि जहां सच्चाई, सच्ची आस्था है, वहां पर ईश्वरीय कृपा बरसती है। ऐसे में इस बात को अच्छी तरह समझना होगा कि ईश्वर को पाने के लिए हमें अपने अंत:करण को पवित्र बनाना होगा।
नवजीत भारद्वाज जी बड़े विनम्र स्वभाव और सटीक तरीके से संगत को बताते है कि ईश्वर पर आप तभी विश्वास कर सकते है, जब आपको खुद पर विश्वास हो क्योंकि ईश्वर कहीं बाहर नहीं बल्कि आपके भीतर हृदय में निवास करता है। जिस प्रकार दूध में मौजूद होते हुए भी घी किसी को नहीं दिखाई नहीं देता है, फूल में खुशबू होने के बाद भी नजर नहीं आती है, उसी प्रकार हमें अपनी बुराई, दूसरे की भलाई, बीज में छिपा वृक्ष और सभी जगह मौजूद ईश्वर नजर नहीं आता है। जिस प्रकार जहाज किसी भी दिशा में क्यों न जाए, कम्पास की सुई हमेशा उत्तर दिशा की ओर बनी रहती है, उसी प्रकार यदि व्यक्ति कहीं भी जाए लेकिन उसका मन भगवान की ओर बना रहे तो उसे जीवन में किसी प्रकार का भय नहीं रहता है।
इस अवसर पर पूनम प्रभाकर,सरोज बाला,सुनीता, अंजू, गुरवीर, मंजू, प्रिया , रजनी, नरेश,कोमल , कमलजीत, धर्मपाल , अमरजीत सिंह, राकेश प्रभाकर, भोला शर्मा ,समीर कपूर, अमरेंद्र कुमार शर्मा, नवदीप, उदय ,अजीत कुमार , बावा खन्ना, विनोद खन्ना, विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, सुनील जग्गी, अशोक कुमार,नवीन कुमार, दीपक, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, बलदेव सिंह भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।