जालंधर, जिला सलाहकार समिति/जिला स्तरीय समीक्षा समिति जालंधर की बैठक में 30 सितंबर 2023 को समाप्त तिमाही के लिए वार्षिक क्रेडिट योजना 2023-24 के लक्ष्यों और परिणामों की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर वरिंदरपाल सिंह बाजवा ने बताया बैंकों ने कृषि और सहायक व्यवसायों के लिए आसान ऋण देने पर जोर दिया।
स्थानीय जिला प्रशासकीय परिसर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की और ऋणों और सीडी रेशो के निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बैंकों से और अधिक प्रयास करने का आग्रह किया गया। बैठक के दौरान उन्होंने बैंकों को कौशल युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसान दरों पर ऋण उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया।
बैठक के दौरान एम. एस मोती प्रधान जिला प्रबंधक ने लेखा समिति के समक्ष जिले में कार्यरत सभी सरकारी, सहकारी एवं गैर सरकारी बैंकों का प्रदर्शन पेश करते हुए कहा कि बैंकों ने 200 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत कर लिया है. जबकि 5212 करोड़ रुपये के ऋण लक्ष्य के मुकाबले कुल 13191 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किये गये है।
एलडीएम ने बताया कि इस तिमाही में सीडी रेशो 33.37 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3.64 प्रतिशत ज़्यादा है, जिस पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने संतोष जताया और कहा कि इसमें और सुधार लाने के लिए अधिक से अधिक योग्य लाभपत्रियों को ऋण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए इस अवसर पर नाबार्ड ने अपना पीएलसीपी 2024-25 भी जारी किया गया।इस अवसर पर विभिन्न बैंकों के जिला को-ऑर्डिनेटर, डीआईसी, रोडसेट इंस्टीट्यूट जालंधर, जिला कृषि विभाग, डेयरी विकास, मछली पालन, बागवानी, एस. सी ,निगम, एस. आर,एल एम., नगर निगम, नाबार्ड एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।