फिल्लौर (जालंधर), डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल के निर्देश पर सब डिवीज़नल मैजिस्ट्रेट अमनपाल सिंह ने सोमवार को सब डिवीज़न के गांव छोकरा में किसानों को धान की पराली जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया और उन्हें फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बैठक के दौरान एस.डी.एम ने किसानों को बताया कि पराली जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ सांस व अन्य बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता है। सड़क किनारे खेतों में आग लगाने से सड़क दुर्घटना का भी डर रहता है।एसडीएम ने किसानों को उचित पराली प्रबंधन से होने वाले फायदों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि पराली को खेतों में जोत दिया जाए तो इससे न सिर्फ मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है बल्कि फसल को उर्वरक की भी कम मात्रा में जरूरत पड़ती है।एसडीएम ने इस मौके पर किसानों से भी अपील की कि वे पराली को आग न लगाएं ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।ग्राम पंचायत ने उप मंडल मैजिस्ट्रेट को प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संभाल अभियान में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।