
जालंधर, ऑर्थोनोवा अस्पताल के डॉक्टर हरप्रीत सिंह ने इस तरह की तकनीक विकसित की है कि घुटने बदलवाने के ऑपरेशन में कोई भी टांका लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तरी भारत में पहली बार इस तरह घुटने बदलने का ऑपरेशन ऑर्थोनोवा अस्पताल में किया गया है।
ग्रीस से घुटने बदलने का ऑपरेशन करवाने के लिए विशेष रूप से ऑर्थोनोवा अस्पताल जालंधर आए सुखविंदर सिंह के घुटने बदलने का ऑपरेशन इस अत्याधुनिक तकनीक द्वारा किया गया है। इसे बिना टांके के ऑपरेशन की तकनीक द्वारा घुटने बदलने का दूसरा ऑपरेशन वीरेंद्र जीत कौर निवासी जीरा का हुआ है।
डा. हरप्रीत सिंह ने बताया कि दोनों ही ऑपरेशन में मरीज को एक भी टांका नहीं लगा है। ऑपरेशन के उपरांत सुखविंदर सिंह और वरिंदरजीत कौर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों लोग स्वास्थ्य हैं और अस्पताल में हैं।
डॉक्टर हरप्रीत सिंह ने बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक में लेजर की सहायता से जख्म को सील किया जाता है। जिससे कि एक भी टांका लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। बार-बार पट्टी करवाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। रक्त रिसाव नहीं होता, इंफेक्शन के चांस शून्य हो जाते हैं, ऑपरेशन के बाद बार-बार अस्पताल नहीं आना पड़ता। मरीज बहुत ही जल्दी स्वस्थ हो जाता है।