मुख्यमंत्री बताएं कि वह मंत्री लाल चंद कटारूचक को क्यों बचा रहे: सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया

जालंधर, (संजय शर्मा )-पूर्व मंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज मुख्यमंत्री भगवंत से पंजाबियों को बताने के लिए कहा कि वह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक को क्यों बचा रहे हैं, जबकि पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि मंत्री द्वारा अनुसूचित जाति के युवक के साथ यौन दुव्र्यवहार का वीडियो असली है।

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा, ‘‘ अब यह बात सामने आई है कि आम आदमी पार्टी के मंत्री ने सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने युवक के साथ यौन दुव्र्यहार किया । पंजाब के राज्यपाल को सौंपे गए वीडियो की प्रामाणिकता भी संदेह से परे साबित हुई है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री कटारूचक का समर्थन कर रहे हैं, जिसके कारण पीड़ित को छिपने पर मजबूर कर दिया है’’।

सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने ‘बदलाव वाली सरकार’ के नेता और विधायकों के भ्रष्टाचार और यहां तक कि जघन्य अपराध में शामिल हैं। उन्होने कहा ,‘‘ हमने देखा है कि जलालाबाद के विधायक गोल्डी कंबोज के पिता देह व्यापार में शामिल होने और पीड़ितों को ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होने कहा, ‘‘ हमने मंत्री विजय सिंगल और फौजा सिंह सरारी को भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप में बर्खास्त होते देखा है, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई मामला दर्ज नही किया गया है’’।

सरदार मजीठिया ने कहा कि इसके ठीक विपरीत आप पार्टी की सरकार ने टेलीविजन की पत्रकार भावना किशोर के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने में तुरंत जल्दबाजी की, क्योंकि उन्होने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके आधिकारिक आवास की मरम्मत के लिए 44 करोड़ रूपये खर्च करने के लिए बेनकाब किया था। उन्होने कहा कि इसी तरह सच बोलने वाले कलाकारों और बुद्धिजीवियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज किए गए, जबकि उनके वेब चैनलों पर आप द्वारा जारी किए गए प्रचार को जारी नही करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
सरदार मजीठिया ने मुख्यमंत्री के मीडिया निदेशक बलतेज पन्नू और सोशल मीडिया संभालने वाले आरूषि के खिलाफ सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापिस लेने की जानकारी लीक करने के लिए कार्रवाई की मांग की , जिसके कारण उनकी हत्या हुई । उन्होने मूसेवाला के माता-पिता द्वारा की जा रही अपीलों को दबाने की कोशिश करने के लिए आप पार्टी की सरकार की निंदा की।
अकाली नेता ने बताया कि कैसे आप पार्टी की सरकार उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर अनुसूचित जाति समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है, जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति के उम्मीदवार कानून अधिकारी के रूप में नियुक्त होने के सक्षम नही हैं।

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