चंद्र ग्रहण रात 08 बजकर 44 मिनट से आरंभ होगा और इसका समापन देर रात 1 बजकर 02 मिनट पर होगा. चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 15 मिनट की बताई जा रही है. चंद्र ग्रहण कहा दिखाई देगा साल का पहला चंद्र ग्रहण यूरोप, एशिया के अधिकांश हिस्से, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, प्रशांत,अटलांटिक,अंटार्कटिका और हिंद महासागर में दिखाई देगा. हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर लगने वाले इस चंद्र ग्रहण पर 130 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बनेगा, दरअसल 130 साल बाद बुद्ध पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण दोनों का संयोग बन रहा है। शास्त्रों में चंद्र ग्रहण के बाद दान करना पुण्यदायी माना गया है। ऐसे में इस दिन ग्रहण समाप्ति के बाद चंद्रमा से संबंधित सफेद चीजें जैसे – दूध, दही, चावल, मिठाई, सफेद मोती, वस्त्र आदि का दान करना चाहिए।