नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दिया है. इस याचिका में बिलकिस बानो ने मई में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें गुजरात सरकार को 1992 के जेल नियमों के तहत 11 दोषियों की रिहाई के लिए अनुमति दी थी. सुप्रीम कोर्ट से बिलकिस बानो की रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष का बयान सामने आया है. DCW चीफ ने ट्वीट कर कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो की अर्जी खारिज कर दी. बिलकिस बानो का 21 साल की उम्र में गैंगरेप किया गया, उसके 3 साल के बेटे और 6 परिवार वालों का क़त्ल कर दिया गया, पर गुजरात सरकार ने उसके सभी रेपिस्ट को आज़ाद कर दिया. अगर सुप्रीम कोर्ट से भी न्याय नहीं मिलेगा, तो कहां जाएंगे?”