चंडीगढ़ में बिजली संकट गहरा गया है. बिजली नहीं होने से शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रात भर शहर की स्ट्रीट लाइटें बंद रहीं और ट्रैफिक लाइट बंद होने से यातायात व्यवस्था भी बाधित रही. जिसे देखते हुए चंडीगढ़ में प्रशासन ने ESMA लगा दिया है. यानी 6 महीने तक कोई भी चंडीगढ़ में हड़ताल नहीं कर सकता है. चंडीगढ़ में बजली कर्मियों की हड़ताल लोगों के लिए बांस बन गई. पुलिस ने उनमें से कई लोगों को आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया है. यूटी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रात 10 बजे तक काम पर जाने को कहा था, ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि चंडीगढ़ के प्रशासक बीएल पुरोहित ने बिजली कर्मियों की हड़ताल पर 6 महीने के लिए रोक लगा दी है. ईस्ट पंजाब इसेंशियल सर्विसेज(मेंटेनेंस) एक्ट, 1968 की सब सेक्शन 3 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों के तहत यह आदेश जारी किए गए हैं. कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली के डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन और ऑपरेशन समेत मेंटेनेंस को प्रभावित करेगा. ऐसे में हड़ताल खत्म करना आवश्यक है. प्रशासक ने प्रशासक के सलाहकार धर्म पाल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं.