गाजियाबाद, नोएडा समेत दिल्ली के कई स्टेशन में बुधवार सुबह मेट्रो यात्रियों का दिन हताशा और झल्लाहट से भरा था। ऊपर लिखी लाइनें एक-एक घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद उसी झल्लाहट से निकली हैं। सुबह-सुबह काम पर निकले लोग मेट्रो स्टेशन पहुंचे तो आधे से एक किलोमीटर लंबी लाइन उनका इंतजार कर रही थी। कई यात्री इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। वे तय समय से ही निकले थे। ऑफिस के लिए लेट होने की टेंशन हताशा में बदलने लगी। यलो अलर्ट के प्रोटोकॉल के तहत दिल्ली मेट्रो कल दोपहर से आधी सवारियां भी ले जा रही है। सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए यात्रियों के खड़े होने की मनाही है। प्लैटफॉर्म पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम न टूटें, इसके लिए यात्रियों को स्टेशन के बाहर ही रोका जा रहा है। मेट्रो के अंदर यह तस्वीर सुहानी लगती है, लेकिन बाहर का नजारा देखने के बाद यह सब औपचारिकता से ज्यादा कुछ नजर नहीं आता है।