BATALA : सियासत के बाबा बोहड़ कहे जाने वाले पूर्व मंत्री जत्थेदार सेवा सिंह सेखवां (71) का निधन हो गया है। वह कुछ समय से बीमार थे। आज उनका एस्कार्ट अस्पताल, चंडीगढ़ में निधन हो गया। सेवा सिंह सेखवां जत्थेदार उजागर सिंह सेखवां के बेटे थे। सेखवां का राजनीतिक करियर बहुत लंबा था। वह शिरोमणी अकाली दल (SAD) में कई पदों पर रहे और हाल ही में उऩ्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की मौजदूगी में आप का दामन थामा था।
सेवा सिंह सेखवां पहले गुरदासपुर जिले में काहनूवान और उसके बाद कादियां विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं। 2017 के चुनाव में वह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा के भाई फतेहजंग सिंह बाजवा के सामने हार गए थे। विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद ही सेखवां के शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल से मतभेद हो गए थे। दरअसल पंजाब के माझा इलाके में किसी समय शिरोमणि अकाली दल के अंदर तीन दिग्गजों- सेवा सिंह सेखवां, रतन सिंह अजनाला और रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा की तूती बोलती थी। लेकिन वर्ष 2012 में अकाली-भाजपा सरकार में बिक्रम सिंह मजीठिया के कैबिनेट मंत्री बनने और उसके बाद सुखबीर बादल को शिरोमणि अकाली दल का प्रधान बनाए जाने के बाद इन तीनों नेताओं का रुतबा कम होने लगा।