जालंधर कैंट में सब्जी मंडी का ठेका उठाने पर भड़के दुकानदार

जालंधर (विशाल)- जालंधर कैंटोनमेंट बोर्ड की ओर से सब्जी मंडी को ठेके पर देने का यहां दुकानदारों ने कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को सब्जी मंडी के दुकानदार कैंट बोर्ड कार्यालय में एकत्रित हुए और उन्होंने ठेका प्रथा के विरोध में रोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड सब्जी मंडी और फल मंडी ठेके पर देने जा रहा है। इस कारण उनकी दुकानों का किराया अधिक हो जाएगा और नया ठेकेदार मनमर्जी का किराया वसूलेगा।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वैसे भी ज्यादा कारोबार नहीं चल रहा है। ऊपर से कैंट बोर्ड मंडी को ठेके पर देकर उनके साथ नाइंसाफी कर रहा है। गरीब लोगों के साथ धक्केशाही कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी कीमत पर ठेके पर मंडी देने नहीं देंगे। अगर फिर भी कैंट बोर्ड उनकी बात नहीं मानी को वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे।मंडी के प्रधान रवि सहोता जुगनी ने बताया कि उन्होंने कैंट बोर्ड के सीईओ से मिलकर सब्जी मंडी ठेके पर ना देने का अनुरोध किया है। सब्जी विक्रेता अमृतलाल ने बताया कि वह सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। पहले मंडी के एक थड़े का किराया 225 रुपये था जो कुछ ही समय में बढ़ कर 1770 रुपये हो गया है। अगर मंडी निजी ठेके पर दी गई तो इसका किराया 5000 भी हो सकता है। इस सबंध में कैंट बोर्ड के सीईओ ज्योति कुमार ने कहा कि बोर्ड के पास इतने कर्मचारी नहीं हैं कि सब्जी विक्रेताओं से किराया वसूल पाएं। इसलिए इसे ठेके पर दिया जा रहा है। सीईओ ने कहा कि सब्जी मंडी को ठेके पर देने का प्रस्ताव बोर्ड मीटिंग में पार्षदों की सहमति से पारित हुआ है। बोर्ड के फैसले को खारिज करने का अधिकार उन्हें नहीं है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *