जिस तरह उत्तर भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना और मनचाहे वर की इच्छा के साथ सावन के महीने में तीज का व्रत रखती हैं, ठीक उसी तरह से राजस्थान में भी महिलाएं पति की सलामती के लिए गणगौर का व्रत रखती हैं. तीज की ही तरह गणगौर में भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर का त्योहार मनाया जाता है. इस साल गणगौर की पूजा 15 अप्रैल गुरुवार को है. हालांकि इस व्रत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि सुहागिन महिलाएं इस व्रत को पति से छिपकर रखती हैं . पति को व्रत के बारे में कुछ भी नहीं बताना होता और यहां तक कि पूजा का चढ़ाया गया प्रसाद भी महिलाएं पति को नहीं देती हैं. गणगौर का व्रत खासतौर पर राजस्थान और मध्य प्रदेश की महिलाएं रखती हैं और इस दिन गणगौर माता यानी माता पार्वती की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है.