नई दिल्ली, भारत के अधिकांश राज्य इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं. देश के लगभग 37 शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया. इतनी तेज गर्मी के बीच कई राज्यों में बिजली कटौती संबंधी शिकायतें भी सामने आ रही हैं. चिलचिलाती गर्मी के कारण महाराष्ट्र के अकोला में प्रशासन ने सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगाते हुए 31 मई तक आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी है.
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और गुजरात में प्रचंड गर्मी का रेड अलर्ट जारी किया है. इस गर्मी में हीट स्ट्रोक के मामले काफी देखने को मिल रहे हैं. राजस्थान का फलौदी लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 49.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. एक दिन पहले फलौदी का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. बता दें कि 1 जून 2019 के बाद से देश में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है. वहीं राजस्थान में पिछले तीन दिनों से गर्मी से संबंधित कई मौतों की सूचना मिली है.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 37 शहरों में रविवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले 17 शहरों में इतना तापमान था. यहां तक कि हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियां, जो मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से बचने के लिए एक पसंदीदा जगह है, वहां भी खूब गर्मी पड़ रही है. शिमला में 30.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ इस मौसम का सबसे गर्म दिन रहा, जबकि ऊना में 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.
दिल्ली में करीब आठ स्थानों पर अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसमें मुंगेशपुर और नजफगढ़ में 48.3 डिग्री सेल्सियस और 48.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं हरियाणा के नारनौल में पारा 47 डिग्री सेल्सियस और पंजाब के फरीदकोट में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. महाराष्ट्र में प्रशासन ने श्रमिकों के लिए पीने के पानी और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा प्रशासन ने निर्देश दिया है कि दोपहर के समय निजी कोचिंग कक्षाएं नहीं लगाई जानी चाहिए.