जालंधर,(विशाल) –कोविड -19 के कारण ज़िला प्रशासन ज़िले के प्री-नर्सरी से 5वीं तक के विद्यार्थियों को आनलाइन पढ़ाई करवाने के लिए शुरू किए गए डिजिटल मार्ग दर्शक प्रोग्राम में ज़िला जालंधर के आदमपुर ब्लाक ने बाज़ी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि नकोदर और शाहकोट ने पहले 25 ब्लाकों में जगह बनाते हुए क्रमवार 14वें और 24वें स्थान हासिल किया है। इस प्राप्ति पर विद्यार्थियों और उनके माता पिता को मुबारकबाद देते डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य प्री-नर्सरी से 5वीं तक के बच्चों का सर्वपक्षीय विकास जैसे शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनातवक और भाषा का विकास करना, अभिभावकों को दरपेश चुनौतियों का हल करना, बच्चों में जीवन जीने की कला को विकसित करना है, क्योंकि इस उम्र में बच्चो का मानसिक और शारीरिक विकास तेज़ गति के साथ होता है।ज्यादा जानकारी देते डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि यह प्रोग्राम मेराकी फाउंडेशन के सहयोग के साथ शुरू किया गया था, जिसके अंतर्गत वट्सएप ग्रुपों के द्वारा प्री -नर्सरी से 5वीं तक के विद्यार्थियों को मनोरंजन भरपूर शिक्षाप्रद आडियो-वीडियो क्लिप भेज कर ऑनलाइन पढ़ाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि आंगणवाड़ी वर्करों और अध्यापकों के अलावा नेशनल रूरल लिवलीहुड मिशन के तहत चल रहे स्कूलों के स्टाफ की तरफ से भी वट्सएप ग्रुप बनाकर बच्चों के मां-बाप को जोड़ा गया ताकि माता-पिता भी अध्यापक बनकर अपने बच्चों को पढा सकें और उनकी पढ़ाई में मदद कर सकें। थोरी ने बताया कि इसके अलावा इस डिजिटल प्रोग्राम के द्वारा मिशन फ़तेह के अंतर्गत कोविड -19 सम्बन्धित जानकारी भी सांझा की गई जिससे माता-पिता सुरक्षा सावधानियों का इस्तेमाल कर ख़ुद को और अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकें। डिप्टी कमिश्नर ने उम्मीद जताई कि टॉप 25 में जगह बनाने वाले ब्लाकों की तरफ से आने वाले समय में भी अपने बेहतरीन प्रदर्शन को इसी तरह ही कायम रखा जाएगा, जिसके साथ दूसरे ब्लाकों को भी बढ़िया कारगुज़ारी के लिए प्रेरणा मिलेगी