चीन ने जनता के भारी विरोध के चलते कोरोना प्रतिबंधों में ढील दे दी है, लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि यह खतरनाक हो सकता है। इसके चलते चीन में अगले कुछ महीनों के दौरान कोरोना से दस लाख तक मौतें हो सकती हैं। यदि चीन अपनी आबादी को टीके की चौथी खुराक देने में सफल रहता है, तो संभावित मौतों में 35 फीसदी तक की कमी हो सकती है। नेचर में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश में बिना लक्षणों वाले रोगियों की गिनती नहीं की जा रही है। कोरोना की जांच कराना भी स्वैच्छिक कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स सिडनी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ जेम्स वुड कहते हैं कि अगले कुछ माह चीन के लिए ठीक नहीं है। इस स्थिति को रोकने के लिए उसे चौथे टीके के साथ-साथ एंटी वायरल ड्रग तथा जरूरी प्रतिबंधों को भी अपनाना होगा। चीन में ज्यादातर लोगों ने निष्क्रिय कोरोना टीके की तीन खुराकें ले रखी हैं, लेकिन लोगों को मौत से बचाने के लिए 85 फीसदी आबादी को दूसरी तकनीक से बने टीके की चौथी खुराक लेनी होगी। इससे मौतों के साथ-साथ संक्रमण की दर भी धीमी पड़ने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि चीन ने हाल में 60 साल से अधिक उम्र के लिए चौथे टीके की घोषणा की है, जो पहले लगाए गए निष्क्रिय टीकों से अलग है। चीन में करीब 60 साल से अधिक आयु के करीब 26 करोड़ लोग हैं, इसलिए इनमें से सिर्फ 70 फीसदी ने ही टीके की तीसरी खुराक हासिल की है।