जालंधर, (विशाल /रोजाना आजतक )-शिक्षा मंत्री जी हजूर दसो साडा की है कसूर। 16 साल से शिक्षा विभाग में तनदेही से काम करने पर भी उन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा। इसी रोष में सभी दफ्तरी कर्मचारी अपनी डिग्रियों की टोकरी भरकर 11 अक्टूबर को शिक्षा मंत्री को वापस सौंपेंगे। इस राज्य स्तरीय रैली में सभी जिलों के मुलाजिम शामिल होंगे। यह फैसला सर्व शिक्षा अभियान, मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिमों ने बैठक करके लिया।मुलाजिमों ने कहा कि 16 सालों से ईमानदारी के साथ काम करने के बावजूद उन्हें रेगुलर नहीं किया गया। शिक्षा विभाग की भेदभाव की इस नीति से मुलाजिमों में रोष है। राज्य सरकार ने एक अप्रैल 2018 से विभाग में एसएसए के तहत काम करने वाले अध्यापकों को रेगुलर कर दिया था। दफ्तरी मुलाजिम शोभित भगत, सुखराज, विशाल महाजन, मोहित शर्मा, राजीव, गगन सियाल ने कहा कि दफ्तरी मुलाजिमों के पास भी एमबीए, एलएलबी, सीए, एमसीए, एमए आदि उच्च डिग्रियां हैं। फिर भी उन्हें नजर अंदाज किया जा रहा है।इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला से भी कई बार मुलाकात हो चुकी है। मगर हर बार उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। यही कारण है कि सभी ने अपने हक के लिए रोष स्वरूप 11 अक्टूबर को शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला के निवास स्थान पटियाला में जाकर मुलाजिमों द्वारा प्राप्त डिग्रियां वापस सौंपने का फैसला लिया है। इस राज्य स्तरीय रैली में सभी दफ्तरी कर्मचारी शामिल होंगे।