हिंदू कैलेंडर के अनुसार, देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा तिथि को मनाते हैं. इस बार देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले ही मनाई जाएगी. जबकि कार्तिक पूर्णिमा का स्नान और दान देव दीपावली के अगले दिन सुबह में होगा. इस साल देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा दोनों अलग-अलग दिन क्यों हैं? इस बारे में विस्तार से जानते हैं तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से.
पंचांग के अनुसार, 26 नवंबर रविवार के दिन दोपहर 03:53 बजे से कार्तिक पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी और यह 27 नवंबर सोमवार के दिन दोपहर 02:45 मिनट तक मान्य रहेगी. कार्तिक पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 27 नवंबर सोमवार को होगा.
इस साल देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले 26 नवंबर रविवार को मनाई जाएगी. दरअसल कार्तिक पूर्णिमा तिथि को प्रदोष काल में देव दीपावली मनाते हैं. इस साल 27 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल नहीं मिल रही है क्योंकि पूर्णिमा तिथि दोपहर में ही खत्म हो जा रही है.
ऐसे में 26 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा तिथि दोपहर 03:53 बजे से लग रही है और उस दिन प्रदोष काल प्राप्त हो रहा है. सूर्यास्त के बाद से प्रदोष काल शुरू होता है. कार्तिक पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल 26 नवंबर को है, इस वजह से देव दीपावली उस दिन ही मनाई जाएगी.