दुनिया में जितने देश हैं, उतनी मान्यताएं हैं. भारत में रह रहे लोगों की अलग-अलग मान्यताएं और रिवाज हैं. मुमकिन है कि दूसरे देशों को ये अटपटे लगें पर हमारे लिए इन रिवाजों का बहुत महत्व होता है. इसी प्रकार फिजी एक छोटा सा आइलेंड देश है जहां कई तरह के रिवाजों का पालन किया जाता है. फिजी में शादियों के लेकर एक खास मान्यता है जिसमें व्हेल मछली का योगदान है. यहां शादी से पहले लड़का, लड़कीवालों को व्हेल मछली का दांत गिफ्ट में देता है.
इंडिपेंडेंट न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार फिजी में स्पर्म व्हेल के दांतों को टाबूआ कहते हैं. इसे लेकर यहां एक पुरानी मान्यता है. जब भी कोई लड़का, अपने लिए लड़की चुनता है तो उसका हाथ मांगने के साथ ही, वो लड़की के परिवार को व्हेल का दांत यानी टाबूआ गिफ्ट करता है. दांत गिफ्ट करने पर जब लड़कीवाले उसे अपना लेते हैं, तभी शादी तय मानी जाती है.
इस देश में व्हेल के दांतों को गिफ्ट करना काफी आम मान्यता है, और शादी के अलावा, लोग अंतिम संस्कार, सगाई, जन्म, या माफी मांगने के लिए भी दांत भेंट करते हैं. इसे भेंट करने का कारण ये है कि जब कोई किसी को टाबूआ गिफ्ट करता है, तो उसका अर्थ होता है कि उसके लिए वो संबंध, वादा, भरोसा बहुत ज्यादा मायने रखता है और उसके लिए सबसे ऊपर है. टाबूआ का फिजी की भाषा में अर्थ होता है पवित्र.
दांत का साइज अलग-अलग होता है, और इसे देश की राजधानी सूवा में कई दुकानों से खरीदा जा सकता है. ये मान्यता ग्रामीण इलाकों में ज्यादा प्रचलित है, पर शहरी इलाकों में भी लोग इसका पालन करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक टाबूआ का दाम हजारों डॉलर तक हो सकता है. 1 किलो के दांत की कीमत 80 हजार रुपये तक हो सकती है. इतने महंगे दांतों को लोग इसलिए भी खरीदते हैं क्योंकि ये उनके इज्जत की बात होती है. कई लोग एक दांत ही खरीदते हैं और उसे पेंडेंट की तरह डोरी से बांधकर भेंट करते हैं, वहीं बहुत से लोग एक बार में कई खरीदकर उसे नेकलेस जैसा बनाकर भेंट करते हैं. अक्सर दांत जुटाने वाले लोग, मरी हुई स्पर्म व्लेह के मुंह से दांत निकाल लेते हैं, जो मरने के बाद बीच पर बह आती है. कई बार तो दांतों के लिए व्हेल का शिकार भी किया जाता है.