कालांवाली, (पवन शर्मा)-ओढ़ां रोड पर स्थित द मिलेनियम स्कूल ने एक अच्छी पहल करते हुए बच्चों को विश्व में मौजूद गरीबी व भूख की समस्या से अवगत करवाने हेतु एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिसमें स्कूल के कक्षा सातवीं, आठवीं और नौंवी के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे है। यह प्रोजेक्ट अंतराष्ट्रीय स्कूल अॅवार्ड का हिस्सा है और वैश्विक स्तर पर भूख के कारणों व इसके निदान पर आधारित है। जानकारी देते हुए स्कूल प्रिंसीपल डॉ. गुरदीप सिंह और डायरेक्टर अशोक सिंगला ने बताया कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स (वैश्विक भूख सूचकांक) एक ऐसा उपकरण है जोकि विश्व स्तर पर और देश के आधार पर भूख को मापता है तथा इसे ट्रैक करता है। यह सूचकांक 100 अंकों के पैमाने पर देशों को मापता है जिसमें 0 सर्वश्रेठ स्कोर (कोई भूखा नहीं) और 100 सबसे खराब हालत को दर्शाता है । यह जी.एच.आई. सूचकांक 4 घटक संकेतकों पर आधारित होता है , जिसमें अल्पपोषण, चाइल्ड वेस्टिंग ,चाइल्ड स्टंटिंग व बच्चों की मृत्यु दर शामिल है। द मिलेनियम स्कूल के बच्चे इस प्रोजेक्ट का अध्ययन करते हुए मुख्य तौर पर चार देशों भारत, अफगानिस्तान, सूडान व नाइजीरिया में भूख की समस्या, इसके कारणों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इसके आलावा बच्चे कुपोषण व उससे होने वाले रोगों की जानकारी प्राप्त करेंगे। अपने अध्ययन में बच्चे भूख की समस्या से निपटने के लिए इन चार देशों की सरकारों के द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी अध्ययन करेंगे व इस दिशा में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों के बारे में पड़ेगे। अंत में कुपोषण की समस्या के समाधान हेतु अपने सुझाव भी देंगे।