रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर सिंह ब्रदर्स में क्यों मची है रार? 500 करोड़ रुपये का है मामला

नई दिल्ली, देश की प्रमुख फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर्स भाई शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह एक बार फिर से आमने-सामने आ गए हैं। मामला फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढाल चैरिटेबल सोसायटी का है। एक समय भारत की हेल्थकेयर इंडस्ट्री में बड़ा नाम कमा चुके दोनों भाई के झगड़े अब आम हो गए हैं। साल 2019 में दोनों भाइयों को जापानी कंपनी दाइची सांक्यो केस में अवमानना का दोषी पाया गया था। दवा बनाने वाली दाइची सांक्यो ने 3500 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर सिंह बंधुओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

इस बार दोनों भाइयों के बीच राजन ढाल चैरिटेबल सोसायटी को लेकर रार मची है। मालविंदर की पत्नी जापना सिंह का आरोप है कि शिविंदर और उनकी पत्नी अदिति ने फर्जीवाड़ा कर उन्हें और अन्य मेंबर्स को सोसायटी से बाहर कर दिया है। इसके जरिए 500 करोड़ रुपये के वसंत कुंज स्थित फोर्टिस राजन ढाल अस्पताल और उसके सालाना 30 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर कब्जा कर लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *