जालंधर, अपराध की रोकथाम और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए पुलिस कमिश्नर जालंधर सतिंदर सिंह ने सख्त आदेश जारी किया है, जिसके तहत फ्यूल स्टेशनों (पेट्रोल पंपों) पर ऐसे वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सी.एन.जी. देने पर पाबंदी लगाई गई है, जिन पर वैध ‘हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेटें’ (एच.एस.आर.पी.) नहीं लगी हुई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 और मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया यह आदेश 21 सितंबर 2026 से लागू हो गया है और 20 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।
यह आदेश उन प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों पर लागू होता है, जिन पर जरूरी एच.एस.आर.पी. नहीं हैं, बिना नंबर प्लेट के चलते हैं, या जिनकी नंबर प्लेट खराब, छेड़छाड़ की हुई, अस्पष्ट या मुड़ी हुई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह पाबंदी फ्यूल भरवाने के स्थान पर लागू होगी, जिससे वाहन चालकों को पेट्रोल/डीजल प्राप्त करने से पहले नियमों का पालन करना होगा। इमरजेंसी सेवाएं जैसे एंबुलेंस और फायर टेंडर सहित नए खरीदे गए वाहन, जिन पर वैध आधिकारिक अस्थायी या स्थायी रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित किया गया है, को इस पाबंदी से छूट है।
इन आदेशों के तहत, पुलिस कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी स्टेशनों को अपने प्रवेश मार्गों और पेट्रोल/डीजल भरने वाले स्थानों पर पंजाबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में चेतावनी नोटिस लगाने होंगे। अपने आदेशों में, पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि पेट्रोल स्टेशन संचालकों को एंट्री/एग्जिट, डिस्पेंसिंग क्षेत्रों और आस-पास की सड़कों पर 24/7 सीसीटीवी निगरानी रखनी होगी और कम से कम दो महीने तक फुटेज को सुरक्षित रखना होगा।
इसके अलावा, फ्यूल स्टेशन के कर्मचारियों को नियमों का पालन न करने वाले वाहनों का पता लगने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को सूचित करना होगा और वाहन के विवरण जैसे मेक, मॉडल, रंग और यात्रा की दिशा दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा कि इन हिदायतों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और मोटर वाहन एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीनियर पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।