भारत ने फ़लस्तीन का दिया साथ, नेतन्याहू बोले- राष्ट्र कभी नहीं बनेगा

इस प्रस्ताव को कुल 193 सदस्य देशों में से 142 देशों का समर्थन मिला. इसके विरोध में केवल 10 देशों ने वोट दिया, वहीं 12 देशों ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी.

न्यूयॉर्क घोषणापत्र कहे जाने वाले इस प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में भारत के साथ-साथ चीन, रूस, सऊदी अरब, क़तर, यूक्रेन, यूके, इटली, फ्रांस, जर्मनी समेत कई मुल्क हैं.

इसराइल और अमेरिका समेत कुल 10 मुल्कों ने इसके विरोध में वोट किया है. इससे पहले वेस्ट बैंक के अदुमीम बस्ती के दौरे पर गए इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा था, “फ़लस्तीनी राष्ट्र कभी नहीं बनेगा, यह जगह हमारी है.”

 

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