भिखारियों की कोई फिक्स इनकम नहीं होती। उनका गुजारा सिर्फ दयालु लोगों के रहमों-करम पर ही चलता है। क्योंकि हर कोई रोजाना भिखारियों को पैसे नहीं देता है। ऐसे में भिखारियों के 1 दिन की इनकम का पता लगाने के लिए शख्स ने फटे-पुराने और गंदे कपड़े पहनकर भीख मांगनी शुरू कर दी।
जिसके बाद उसका दिन भर का कलेक्शन देख लोगों का ज्यादा ताज्जुब भी नहीं हुआ है। क्योंकि उसकी दिन भर की इनकम भी तीन डिजिट की संख्या को पार नहीं कर पाई थी। भीख मांगने के अपने सफर में शख्स ट्रैफिक सिग्नल, रोड, रेलवे स्टेशन, मॉल और कई भीड़-भाड़ वाले इलाकों तक पहुंचता है। जहां पर उसे उतने पैसे नहीं मिलते, जिसकी उसे उम्मीद होती है।