नेपाल (Nepal) में पहली बार एक सुनहरे कछुए (Golden Turtle) की खोज की गई है. डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, कछुए को अब भगवान विष्णु का अवतार (Incarnation of Lord Vishnu) माना जा रहा है. मिथिला वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के अनुसार, जिसने कछुए को एक भारतीय फ्लैपशेल कछुए या लिसेमिस पंचाटा एंडर्सनी के रूप में पहचाना. यह कछुआ अपने दुर्लभ रंग की वजह से चर्चा में है. कछुआ सोने के गोले की तरह नजर आ रहा है, जिसे क्रोमैटिक ल्यूसिज्म कहते हैं. माना जा रहा है दुनिया में पहली बार इसे पांचवीं बार देखा गया है और नेपाल में इसे पहली बार स्पॉट किया गया है. ट्रस्ट के अनुसार, धनुशधाम संरक्षित वन में पशु रक्षक चंद्रदीप सदा द्वारा कछुए को बचाया गया था. इस खोज ने ऑनलाइन एक बड़ी चर्चा पैदा कर दी है, और कछुए की तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर वायरल हुई हैं.