अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की तरफ से हाल ही में पाकिस्तान के लिए 2.4 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज को मंजूरी दी गई. इस बेलआउट पैकेज के तहत एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (EFF) के तहत मिल रहे 7 बिलियन डॉलर की दूसरी किश्त 1 बिलियन डॉलर और एक नए लचीलेपन और स्थिरता सुविधा (RSF) ऋण कार्यक्रम के तहत 1.4 अरब डॉलर का भी लोन दिया गया. यानी कि पाकिस्तान को टोटल 2.4 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद दी गई.
इस दौरान भारत ने आईएमएफ की बैठक में वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. यूनाइटेड नेशन में जैसे किसी देश को ‘No’वोटिंग करने का अधिकार है. वैसा आईएमएफ के साथ नहीं है. यहां या तो आपको पक्ष में वोट करना होगा या मतदान से खुद को दूर रखना होगा. मतदान से खुद को दूर रख भारत ने जताया कि वह पाकिस्तान को दी जा रही इस फंडिंग के खिलाफ है. हालांकि, आईएमएफ की तरफ से फंडिंग मिलने से पहले ही पाकिस्तान ने इससे कहीं ज्यादा खर्च कर दिया. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि पाकिस्तान की ही एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.