गिरफ्तारी से राहत, अब 10 दिन में रिफंड क्लेम

जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए GST सिस्टम को आसान बनाने, रिफंड प्रक्रिया तेज करने और टैक्स व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और अनुमानित बनाने के लिए कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई।

काउंसिल ने टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म कर दी है और मुकदमा चलाने की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी है। फिलहाल जीएसटी अधिकारियों को उन बड़े अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी करने का अधिकार है, जिनमें कर चोरी, धोखाधड़ी से ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी) लेना या गलत तरीके से ‘रिफंड’ (कर वापसी) लेना एक करोड़ रुपये से अधिक हो। इसके लिए आयुक्त स्तर के अधिकारी से पहले अनुमति लेना जरूरी है।

बैठक में न्यूनतम सजा का प्रावधान भी हटा दिया गया है और प्रत्येक मामले में जुर्माना, कारावास या दोनों में से सजा का निर्धारण न्यायिक विवेक पर छोड़ दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि जहां किसी विशेष उल्लंघन के लिए कोई विशिष्ट जुर्माना निर्धारित नहीं है, वहां लागू होने वाला सामान्य जुर्माना 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।

 

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