कहा है कि भारत को पाकिस्तान के साथ जल बँटवारे की संधि का पालन करना चाहिए.
भारत ने इसे पिछले साल द्विपक्षीय तनाव के बीच निलंबित कर दिया था. कोर्ट ने कहा कि भारत को जम्मू-कश्मीर में बनाए जा रहे एक पनबिजली संयंत्र पर अपने काम को सीमित करना चाहिए.
यह एक इंटरगवर्नमेंटल संगठन है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वैकल्पिक विवाद समाधान सेवाएं देता है. पीसीए के नियमों का इस्तेमाल मध्यस्थता और सुलह की कार्यवाहियों के साथ-साथ जांच आयोगों में भी किया जा सकता है.
ऐसे में पीसीए के इस फ़ैसले को भारत के हक़ में तो नहीं देखा जा सकता है.लेकिन दूसरी बात यह भी कही जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों के फ़ैसले देश सिलेक्टिव तरीक़े से इस्तेमाल करते हैं और मौजूदा दौर में इनकी प्रासंगिकता पर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं.