महाराष्ट्र के सांगोली के पास धयाती गांव के किसान दत्तात्रेय कोलेकर ने मई में बैलों की जोड़ी ख़रीदी थी. कोलेकर इन बैलों से अपने खेत जोतने की योजना बना रहे थे. कुछ अन्य किसानों के साथ वह भी अपने बैलों को एक गाड़ी में अपने घर ले जा रहे थे. ये सारे किसान आसपास के इलाक़े में रहते हैं.यात्रा ख़त्म ही होने वाली थी कि तभी सब गड़बड़ा गया. कोलेकर का कहना है कि गोरक्षकों ने पंढरपुर के पास गाड़ियों को रोक लिया और किसानों पर इन बैलों को मारने के लिए ले जाने का आरोप लगाया.
गोरक्षकों ने इन गाड़ियों को सीधे पुलिस स्टेशन ले जाकर किसानों से उनके बैल छीन लिए और उन्हें पंढरपुर के सरकारी अस्पताल परिसर में रख दिया.परेशान किसानों ने किसान संगठनों से संपर्क किया. विरोध प्रदर्शन के चार दिन बाद किसानों को उनके बैल लौटा दिए गए.चार दिनों के दौरान कोलेकर और बाक़ी किसानों को अपने पशुओं के लिए चारे और पानी का खर्च उठाना पड़ा.