बेंगलुरु, सत्ता का खेल भी अजीब होता है या कब क्या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता. इसी की बानगी इन दिनों कर्नाटक कांग्रेस में देखने को मिल रही है. कर्नाटक की राजनीति इन दिनों सिर्फ महज कुर्सी की नहीं, बल्कि शब्दों की ताकत पर भी लड़ाई लड़ रही है. एक तरफ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हैं, तो दूसरी तरफ डिप्टी डीके शिवकुमार हैं. सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह ‘शब्दों की जंग’ अब पार्टी के गलियारों में गूंज रही है, जहां हर पोस्ट सत्ता समीकरणों की नई कहानी गढ़ता दिख रही है. हाईकमान की चेतावनी के बाद दोनों दिग्गजों को अब एक ही मेज पर आमने-सामने बैठे हैं. ब्रेकफास्ट की प्लेटों के बीच सत्ता का स्वाद तय होगा. लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मुलाकात सिर्फ दिखावे की है या कर्नाटक कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को खत्म किया जा सकेगा