सरकार ने स्पष्ट किया कि वह 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर जीएसटी लगाने पर विचार नहीं कर रही है. सरकार के 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने पर विचार करने की खबरों पर सफाई देते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये पूरी तरह से गलत, भ्रामक और निराधार हैं. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”फिलहाल सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.” जीएसटी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) जैसे कुछ खास शुल्कों पर लगाया जाता है.
वित्त मंत्रालय ने यह सफाई उन खबरों के बाद दी है जिसमे कहा गया था कि सरकार UPI पर टैक्स लगाने का विचार कर रही है. मंत्रालय ने कहा कि ये खबरें गलत हैं और सरकार यूपीआई के जरिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है.