चैत्र नवरात्रि में रवि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। महापर्व के दौरान चार दिन रवि योग व तीन दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। दोनों ही ज्योतिष में शुभ माने जाते हैं। इन योगों में किए गए काम सफल होते हैं। चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि नौ नहीं बल्कि आठ दिन के होंगे, नवमी छह अप्रैल को होगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी। ज्योतिष में यह बहुत शुभ माना जाता है। सात अप्रैल को हाथी पर सवार होकर ही माता वापस जाएंगी। स्थानीय ज्योतिषाचार्य पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्रि आठ दिन के होंगे। चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त उदया तिथि के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च को है, घट स्थापना इसी दिन होगी।
कलश स्थापना के लिए शुभ समय सुबह 6:13 से 10:22 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर 12:01 से 12:50 बजे तक अभिजीत मुहूर्त भी है। इन दोनों मुहूर्तों में कलश स्थापना करना शुभ रहेगा। मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी। ज्योतिष में यह बहुत शुभ माना जाता है। इससे लोगों के धन में बढ़ोतरी होगी और देश की अर्थव्यवस्था अच्छी होगी। मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी और सात अप्रैल को हाथी पर सवार होकर ही वापस जाएंगी।