अमेरिका में ज़ेलेंस्की के साथ जो हुआ, उसमें भारत के लिए क्या संदेश है?

रुबियो ने सीबीएस न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ज़ेलेंस्की के साथ बिल्कुल सही व्यवहार किया.रुबियो ने कहा कि केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही नहीं बल्कि बाइडन भी ज़ेलेंस्की से परेशान हो गए थे और लोगों को ये भूलना नहीं चाहिए. अक्तूबर 2022 में अमेरिकी प्रसारक एनबीसी ने एक रिपोर्ट प्रकाशित थी, जिसमें बताया था कि जून 2022 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ज़ेलेंस्की से फोन पर बात करते हुए आपा खो बैठे थे.

उस रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति बाइडन ने फोन पर बातचीत के दौरान ज़ेलेंस्की को एक अरब डॉलर की मदद की पेशकश की तो यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शिकायत शुरू कर दी कि ये नहीं मिला, वो नहीं मिला और इसी पर बाइडन ख़फ़ा हो गए. इसी तरह जुलाई 2023 में ब्रिटेन के तत्कालीन रक्षा मंत्री बेन वालेस ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यूक्रेन को ये समझना चाहिए कि उसके अंतरराष्ट्रीय पार्टनर एमजॉन नहीं हैं कि आपने ऑर्डर दिया और सामान घर पहुँच गया. उन्होंने कहा था कि यूक्रेन को इस मदद के लिए आभारी होना चाहिए. तब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक थे.

 

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