पंजाब में कांग्रेस के सामने चुनौतियां

जालंधर, (संजय शर्मा)-पंजाब में कांग्रेस को जहां स्टार प्रचारकों की कमी खल रही है, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा चुनावी परिदृश्य से ही गायब हैं। कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को लुधियाना से मैदान में उतारा है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जालंधर से प्रत्याशी हैं। ऐसे में दोनों अपने चुनावी क्षेत्र में फंसे हैं। दूसरी तरफ बाजवा के सक्रिय न होने से कांग्रेस का चुनाव प्रचार प्रभावित हो रहा है। पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों पर एक जून को मतदान है। मगर कांग्रेस को स्टार प्रचारकों की कमी खल रही है। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी अपनी-अपनी सीटों पर फंसे हैं। वहीं प्रताप सिंह बाजवा परिदृश्य से गायब हैं। पिछले चुनावों में स्टार प्रचारक रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इस बार प्रचार से दूरी बना रखी है। जालंधर वैस्ट की अगर बात करे तो स्टारों डर चन्नी को हार की डर भी हैं। मन अंदर बदलाव का हौसला भी है। वहीं दूसरी पार्टी के नेताओं ने पूरी तरह दिन रात प्रचार में लगी हुई है। यही कारण है कि वडि़ंग और चन्नी जैसे नेता अन्य लोकसभा क्षेत्रों में प्रचार करने के बजाय अपनी सीट पर ही जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस में मायूस नेताओं के चुप्पी साधने का नुकसान भी हो रहा है। हालात यह हैं कि प्रत्याशी के परिवार वाले भी प्रचार के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं।

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